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पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के हर महीने के लिठसेफ सेकà¥â€à¤¸ पोजीशन
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान सेकà¥â€à¤¸ करने से मनाही नहीं है लेकिन इस समय में आपको वही सेकà¥â€à¤¸ पोजीशन अपनानी चाहिठजो सेफ होती हैं। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी की सेफ सेकà¥â€à¤¸ पोजीशंस की मदद से आप सेकà¥â€à¤¸ का आनंद à¤à¥€ ले सकते हैं और मां और बचà¥â€à¤šà¥‡ को इससे कोई दिकà¥â€à¤•त à¤à¥€ नहीं होती है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में सेकà¥â€à¤¸ को लेकर कपलà¥â€à¤¸ के मन में कई तरह के सवाल रहते हैं जिनमें सबसे अहम होता है पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में सेकà¥â€à¤¸ करने की सही पोजीशन कà¥â€à¤¯à¤¾ होती है। आमतौर पर सेकà¥â€à¤¸ के लिठमिशनरी पोजीशन अपनाई जाती है लेकिन गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में इसे जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ नहीं माना जाता है।
मिशनरी पोजीशन के अलावा और à¤à¥€ कई सेकà¥â€à¤¸ पोजीशन हैं जो पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ साबित हो सकती हैं और ऑरà¥à¤—ेजà¥â€à¤® का à¤à¥€ आनंद उठा सकते हैं। इस लेख के जरिठहम आपको गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ की हर तिमाही के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ सेकà¥â€à¤¸ पोजीशन के बारे में बता रहे हैं।
सेकà¥â€à¤¸ फà¥à¤°à¥‰à¤® बिहाइंड
इस पोजीशन में पेट पर जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दबाव नहीं पड़ता है और मेल पारà¥à¤Ÿà¤¨à¤° के लिठजà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आरामदायक पोजीशन रहती है। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी की पहली तिमाही और दूसरे सेमेसà¥â€à¤Ÿà¤° की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में सेकà¥â€à¤¸ के लिठये पोजीशन सही रहेगी। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ की दूसरी तिमाही के अंत में बेबी बंप बढ़ जाता है इसलिठइस दौरान इस पोजीशन में सेकà¥â€à¤¸ करने से बचना चाहिà¤à¥¤
Pee after sex prevent pregnancy : कà¥à¤¯à¤¾ सच में सेकà¥à¤¸ के तà¥à¤°à¤‚त बाद पेशाब करने से पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ कम हो जाती है?
सबसे पहले यह समà¤à¤¨à¤¾ जरूरी है कि सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® कैसे काम करता है। हर सà¥à¤–लन में 20 से 400 लाख तक सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® मौजूद रहते हैं। सà¥à¤–लन के तà¥à¤°à¤‚त बाद 35 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® सीमेन से अलग होकर गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ में चले जाते हैं। सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ मारà¥à¤— से होते हà¥à¤ à¤à¤• मिनट के अंदर फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब में चले जाते हैं। इनमें से कà¥à¤› सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® योनि के पोसà¥à¤Ÿà¤¿à¤°à¤¿à¤¯à¤° फोरनिकà¥à¤¸ में रह जाते हैं जबकि कà¥à¤› सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® नषà¥à¤Ÿ हो जाते हैं।
बाकी बचे सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और विटामिन यà¥à¤•à¥à¤¤ तरल पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के साथ योनि से बाहर निकल जाते हैं। यदि सेकà¥à¤¸ के बाद योनि से अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में तरल पदारà¥à¤¥ बाहर निकलता है तो घबराने की आवशà¥à¤¯à¤•ता नहीं है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि सीमेन का सिरà¥à¤« 10 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ ही सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® होता है। जब तक आप पेशाब के लिठउठती हैं तब तक सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ कर चà¥à¤•ा होता है।
अचà¥à¤›à¥€ बात यह है कि सेकà¥à¤¸ के बाद पेशाब करने से गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ पर कोई असर नहीं पड़ता है। यदि आप UTI से पीड़ित हैं तो सेकà¥à¤¸ के बाद पेशाब करें। और यदि नहीं, तो सीमेन का आनंद लें। दोनों ही तरह से पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बराबर होती है।
सेकà¥à¤¸ के बाद बाथरूम न जाने पर à¤à¥€ कई बार सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® योनि से बाहर गिरने लगता है। लेकिन अचà¥à¤›à¥€ बात यह है कि इससे à¤à¥€ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ पर असर नहीं पड़ता है। सेकà¥à¤¸ के बाद सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® को योनि के अंदर रखने के लिठआपको लेटने, पैरों को ऊपर उठाने या कोई खास चीज करने की आवशà¥à¤¯à¤•ता नहीं है।
अकà¥à¤¸à¤° महिलाà¤à¤‚ इस à¤à¥à¤°à¤® में रहती हैं कि इंटरकोरà¥à¤¸ के बाद बिसà¥à¤¤à¤° पर लेटे रहने या पैरों को ऊपर उठाने से गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बढ़ जाती है। लेकिन शोध में यह पूरी तरह गलत साबित हो चà¥à¤•ा है।
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° महिलाà¤à¤‚ सोचती हैं कि ऑरà¥à¤—ेजà¥à¤® से सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® योनि के अंदर चला जाता है जिससे पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बढ़ सकती है। हालांकि, शोधकरà¥à¤¤à¤¾à¤“ं का मानना है कि सेकà¥à¤¸ के दौरान ऑरà¥à¤—ेजà¥à¤® होना à¤à¤• अचà¥à¤›à¥€ चीज है लेकिन इससे फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ नहीं बढ़ती और ना ही पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में इसकी विशेष à¤à¥‚मिका होती है।
इससे यह साबित होता है कि सेकà¥à¤¸ के तà¥à¤°à¤‚त बाद बाथरूम जाने के बाद à¤à¥€ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ उतनी ही रहती है। हालांकि, इंफेकà¥à¤¶à¤¨ से बचने के लिठइंटरकोरà¥à¤¸ के बाद पेशाब करना चाहिà¤à¥¤
फीमेल पारà¥à¤Ÿà¤¨à¤° का टॉप पर होना
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में इस सेकà¥â€à¤¸ पोजीशन को विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ à¤à¥€ सही मानती है। à¤à¤• ताईवानी अधà¥â€à¤¯à¤¯à¤¨ में पाया गया है कि इस पोजीशन में सेकà¥â€à¤¸ करने से पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिला को जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ यौन संतà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ मिलती है। इस पोजीशन में महिला को अपने कंफरà¥à¤Ÿ के हिसाब से रहना चाहिà¤à¥¤
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ की पहली और दूसरी तिमाही में ये पोजीशन सही रहती है। इससे कम समय में यौन संतà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ पाने में मदद मिलती है। हालांकि, पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी की तीसरी तिमाही में इस पोजीशन से बचना चाहिठकà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि इस समय योनि के आसपास महिलाओं के शिशॠके वजन के कारण जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दबाव महसूस होता है। इस समय सेकà¥â€à¤¸ करने से गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ में दिकà¥â€à¤•त या बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग हो सकती है।
रिवरà¥à¤¸ काउगरà¥à¤²
बहà¥à¤¤ कम ही à¤à¤¸à¥€ सेकà¥â€à¤¸ पेाजीशन होती हैं जो पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी की तीसरी तिमाही में सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ हों। रिवरà¥à¤¸ काउगरà¥à¤² सेकà¥â€à¤¸ पोजीशन गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के आखिरी तीन महीनों में सही रहती है। इसके अलावा आप पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के हर महीने में इस पोजीशन में सेकà¥â€à¤¸ का आनंद उठा सकते हैं। इसमें पेट पर दबाव कम पड़ता है।
फà¥à¤²à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤‚ग पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट पोजीशन
आप पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी की तीसरी तिमाही में इस पोजीशन में संà¤à¥‹à¤— का आनंद ले सकती हैं। इसे आप बाथटब में à¤à¥€ टà¥à¤°à¤¾à¤ˆ कर सकती हैं। आप पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के हर महीने में इस पोजीशन को अपना सकते हैं। हालांकि, तीसरे सेमेसà¥â€à¤Ÿà¤° में लिâ€à¤¬à¤¿à¤¡à¥‹ कम और पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिला जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सेंसिटिव हो जाती हैं, तब ये पोजीशन जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आनंद दिलाती है।
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